ए जिंदगी एक हंसीं बहार दे दे,
मुझे झूठा ही सही थोडा सा प्यार दे दे ,
इस कदर मेरे दामन में तू गम तो न भर,
कि मैं किसी से कहूँ एक ख़ुशी उधार दे दे |
******
अपनी दास्तान हम किसी को सुना ना पाए,
मुस्कुराना चाहा पर मुस्कुरा ना पाए,
सोचते रहे कहीं तो कोई अपना होगा,
पर हकीक़त ये है हम किसी को अपना बना ना पाए |
******
किसी को क्या बताएं इस दिल में दर्द है कितना,
कौन है जो सुन सकेगा दास्तां मेरी,
दर्द और मेरा तो कुछ रिश्ता ही ऐसा है,
इस दर्द के साथ ही निकलेगी लगता है जां मेरी |
******
जिंदगी में दिल लगाने की सजा मिलती है क्यों,
प्यार के परवाने पर ही बिजलियाँ गिरती हैं क्यों,
जिसको कोई भी खबर हमारी होती नहीं,
उस बेखबर को नज़रें अक्सर ढूंढती फिरती हैं क्यों |
******
जिंदगी की अपनी कोई दास्तां होगी,
सन्नाटे में गूंजती कोई सदा होगी,
देखते हैं कब तलक हमको सताएगी,
कभी तो किस्मत हम पर मेहरबां होगी |
मुझे झूठा ही सही थोडा सा प्यार दे दे ,
इस कदर मेरे दामन में तू गम तो न भर,
कि मैं किसी से कहूँ एक ख़ुशी उधार दे दे |
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अपनी दास्तान हम किसी को सुना ना पाए,
मुस्कुराना चाहा पर मुस्कुरा ना पाए,
सोचते रहे कहीं तो कोई अपना होगा,
पर हकीक़त ये है हम किसी को अपना बना ना पाए |
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किसी को क्या बताएं इस दिल में दर्द है कितना,
कौन है जो सुन सकेगा दास्तां मेरी,
दर्द और मेरा तो कुछ रिश्ता ही ऐसा है,
इस दर्द के साथ ही निकलेगी लगता है जां मेरी |
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जिंदगी में दिल लगाने की सजा मिलती है क्यों,
प्यार के परवाने पर ही बिजलियाँ गिरती हैं क्यों,
जिसको कोई भी खबर हमारी होती नहीं,
उस बेखबर को नज़रें अक्सर ढूंढती फिरती हैं क्यों |
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जिंदगी की अपनी कोई दास्तां होगी,
सन्नाटे में गूंजती कोई सदा होगी,
देखते हैं कब तलक हमको सताएगी,
कभी तो किस्मत हम पर मेहरबां होगी |
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